कैलिफोर्निया स्थित मिडलबरी इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की शोधकर्ता मेलिसा हनम ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने दो तरह की आईसीबीएम दिखाईं, जिनसे पता चलता है कि वह नई किस्म की आईसीबीएम बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, उनका यह भी कहना था कि बगैर परीक्षण किए सैन्य हथियारों को प्रदर्शित करना उत्तर कोरिया की आदत है और अगर ऐसा कुछ है तो वह अभी शुरुआती अवस्था में है. उधर, उत्तर कोरिया इससे पहले दावा कर चुका है कि उसने एक ऐसी मिसाइल बना ली है जो अमेरिका तक मार करने में सक्षम है.
उत्तर कोरिया के इस प्रदर्शन को अमेरिका की आक्रमकता के खिलाफ चेतावनी माना जा रहा है. अमेरिका उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है. हाल ही में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने यह भी कहा है कि अमेरिका, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहा है. इस बीच अमेरिका ने परमाणु ऊर्जा संचालित जंगी जहाज कार्ल विल्सन को भी इस क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया है. यही नहीं, अमेरिका ने जिस तरह से सीरिया में मिसाइल से हमला किया है या अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़े बम का इस्तेमाल किया है, उससे उत्तर कोरिया के साथ सैन्य टकराव की आशंका काफी बढ़ गई है.
इस बीच उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य टकराव की आशंका को भांपते हुए चीन ने बातचीत से विवाद सुलझाने पर जोर दिया है. शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अगर युद्ध होता है तो सभी को नुकसान होगा और जीत किसी को भी हासिल नहीं होगी. चीन, उत्तर कोरिया का प्रमुख सहयोगी है.
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